logo

झारखंड मुस्लिम युवा मंच का राजभवन में राज्यपाल से संवाद, मॉब लिंचिंग और उर्दू की उपेक्षा पर कार्रवाई की मांग

MANCH321.jpg

रांची 
रांची में झारखंड मुस्लिम युवा मंच (JMYM) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं और उर्दू भाषा की उपेक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने इन विषयों पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विभिन्न जिलों में हुई मॉब लिंचिंग की घटनाओं का उल्लेख करते हुए दोषियों पर त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही लिंचिंग के शिकार परिवारों के पुनर्वास को लेकर सरकारी नौकरी, बच्चों की मुफ्त शिक्षा, सम्मानजनक मुआवजा और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की गई।


ज्ञापन में यह भी कहा गया कि झारखंड की द्वितीय राजभाषा होने के बावजूद उर्दू भाषा को शासकीय भवनों में उचित स्थान नहीं दिया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि भाषाई समानता और संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप सभी प्रमुख सरकारी भवनों पर उर्दू भाषा को सम्मानजनक स्थान दिया जाए।
मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उठाए गए सभी मुद्दों पर नियमानुसार उचित संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही। इस अवसर पर झारखंड मुस्लिम युवा मंच के केंद्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद अय्यूबी, शहर काजी मसूद फरीद, डॉ. दानिश इफ्तेखार एहसान सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

Tags - Jharkhand MobLynching Urdu Governor JMYM